Sunday, 30 April 2017

जो है वो तेरा है, मैया तेरा है ।

जो है वो तेरा है, मैया तेरा है ।

चन्द्रहास: ।


जो है वो तेरा है,  मैया तेरा है ।
मै भी तेरा हूँ,  मैया तेरा हूँ ।। १ ।। 

आँचल में छुपाओ, चरणों में बिठाओ ।
शरण में स्वीकारो, मैया मुझे अपनाओ ।। २ ।।

मैया तेरी शरण में, तिहुँ लोक रहते है । 
ब्रह्मविष्णुमहेशजी, तुम्हे पूजते है ।। ३ ।।

अभागा तो वही है, जिसने पूजा नहीं है ।  
अंधा तो वही है, जो तुम्हे देखा नहीं है ।। ४ ।। 

अब नहीं जाता रुकते, थका हूँ राह देखते । 
दरबार में बुलाओ माते, तुमसे करनी है बाते ।। ५ ।।

क्षमा करो माई, शरण दो माई । 
पास लो माई, दर्शन दो माई ।। ६ ।।  

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