जो है वो तेरा है, मैया तेरा है ।
चन्द्रहास: ।
जो है वो तेरा है, मैया तेरा है ।
मै भी तेरा हूँ, मैया तेरा हूँ ।। १ ।।
आँचल में छुपाओ, चरणों में बिठाओ ।
शरण में स्वीकारो, मैया मुझे अपनाओ ।। २ ।।
मैया तेरी शरण में, तिहुँ लोक रहते है ।
ब्रह्मविष्णुमहेशजी, तुम्हे पूजते है ।। ३ ।।
अभागा तो वही है, जिसने पूजा नहीं है ।
अंधा तो वही है, जो तुम्हे देखा नहीं है ।। ४ ।।
अब नहीं जाता रुकते, थका हूँ राह देखते ।
दरबार में बुलाओ माते, तुमसे करनी है बाते ।। ५ ।।
क्षमा करो माई, शरण दो माई ।
पास लो माई, दर्शन दो माई ।। ६ ।।