Monday, 26 June 2017

आई अंबाबाई आई अंबाबाई

आई अंबाबाई आई अंबाबाई


चित्त राहो सदा आई तुझे पायी
आई अंबाबाई आई अंबाबाई

काया वाचे मने तुझे ध्यान घडो
आई अंबाबाई आई अंबाबाई

माझ्या मुखी सदा तुझे नाम येवो
आई अंबाबाई आई अंबाबाई

तुझे उपकार मला सदा स्मरो
आई अंबाबाई आई अंबाबाई

तुझ्या विना कुणा काही मी न मागो
आई अंबाबाई आई अंबाबाई

सांभाळी लेकरा करोनियां कृपा
आई अंबाबाई आई अंबाबाई 


विनवितो दास नाम चंद्रहास
आई अंबाबाई आई अंबाबाई

Saturday, 17 June 2017

गोमातेसी भजे जो सदैव।


 गोमातेसी भजे जो सदैव।

 © चन्द्रहास


गोमातेसी भजे जो सदैव।
उद्धरते कुळगोत्र तयाचे।।१।।

लाभते आयुष्य निरोगी।
सर्व सुख जगी पावतसे।।२।।

पूजितां कामधेनुकन्या।
दिलीपां वांछीत लाभले।।३।।

विश्वंभर राखितो धेनु।
वाजवोनी वेणु वृंदावने।।४।।

भारते देशे जन्म हा दुर्लभ।
त्याहूनी दुर्लभ भक्ती असे।।५।।

जळती त्याची पापे ही क्षणात।
वंदन गोमातेसी जो करीतसे।।६।।

जय श्रीकृष्ण!!! 

संध्या समा अशी ही .

संध्या समा अशी ही  . © चन्द्रहास शास्त्री षट्पाद बद्ध कोशी, संध्या समा अशी ही व्याधी नवी नवी ही, संध्या समा अशी ही .   केसांत माळलेली,...