Friday, 22 July 2016

- - - - - होती है।

- - - - - होती है।

हर बर्फ़ मे अगन होती है
हर ठंड मे जलन होती है।
हर फूल मे चुभन होती है
हर आँख मे कुडन होती हैं॥१

हर नज़र में हया होती है
हर जिगर मे दया होती है।
हर मौसम मे रया होती है
किसी से गुस्ताखियां होती है॥२

हर मुद्दद मे ताकद होती है
हर बात मे कहावत होती है।
हर कहानी मे आफत होती है
हर आफत मे जिद होती है॥३

उँगलियाँ दस होती है
अँगूठीयां भी दस होती है।
अँगूठी की तलाश होती है
पर हीरे की तराश होती है॥४

आँखों मे इक नमी होती हैं
दिल में बात दबी होती है।
हर इंसा में खूबी होती है
कहीं कुछ तो कमी होती है॥५

शायरकी भी अर्जी होती है
शायरी नहीं फर्जी होती है।
दुनिया भी सजीं होती है
बस् आपकी मर्जी होती है॥६

दिन से पहले रात होती है
रात के बाद प्रभात होती है।
आफताब से मुलाकात होती है
इक अनकहीसीं बात होती है।।७

चाँद की छवि कुछ तो
ऐसी मीठी सी होती है।
कि उसके हँसी की
दुनिया कायल होती है॥८

© चन्द्रहास:।

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