Wednesday, 20 July 2016

हम लक्ष्य पाएंगे !

हम लक्ष्य पाएंगे !

 डॉ. चन्द्रहास शास्त्री

 

घना हो कितना भी अँधियारा

हम उजाले की ओर निरन्तर बढ़ेंगे।

कोई दौड़ता भागता और थकता

हम अविरत कर्म कर लक्ष्य पाएंगे।। १ ।।

 

 पांचजन्य की ध्वनि सुनकर हम

यत्नरथ को बढ़ाएंगे लक्ष्य की ओर। 

गतिरोधक हो कितने भी मार्ग में

दिशाएं आशीष देंगी चारो ओर।।२ ।।

  

मन की विशुद्धता से अभिभूत हो कर

चित्त की एकाग्रता से ओतप्रोत हो कर। 

प्रचण्ड प्रगल्भ इच्छाशक्ति से संपन्न

हम लक्ष्य को सहज सुलभ पाएंगे।।३ ।।

 जय श्रीकृष्ण!!! 

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